भू-अभिलेख
भू-अभिलेख शाखा में एक कार्यालय सहायक, एक कनिष्ठ लेखाकार,एक वरिष्ठ लिपिक, 9 कनिष्ठ लिपिक तथा एक पटवारी पदस्थापित है. शाखा हेतु दो तहसीलदार (भू.अ.) का पद सृजित है. भू-अभिलेख शाखा द्वारा राज्य के भू अभिलेख निरीक्षक व पटवारियो के संस्थापन संबंधी कुछ कार्यों के अलावा राजस्व इकाईयों के गठन, भूअभिलेख कम्प्यूटराईजेशन व भूमि सुधार संबंधी कार्य सम्पादित किये जाते हैं, जो राजस्थान भू राजस्व (भू.अ.) नियमावली, 1957 एवं भू अभिलेख अधिनियम, 1956 के तहत सम्पादितकिये जाते हैं. सम्पादित किये जाने वाले कार्यो का विवरण निम्न प्रकार है.भू अभिलेख शाखा द्वारा भू अभिलेख निरीक्षकों की राज्य व्यापी इन्टरसेस्ट वरिष्ठता सूची दिनांक 01.04.2005 की स्थिति की फाइनल सूची जारी की जा चुकी है तथा 01.04.2006 से 01.04.2012 तक की प्रोविजनल वरिष्ठता सूची जारी की गई है, जिसमें अभ्यावेदनों पर विचार कर फाइनल सूची जारी करने का कार्य प्रगति पर हैाभू अभिलेख निरीक्षकों एवं पटवारियों के अन्तर्जिला/ अन्तर्सम्भाग स्थानान्तरण संबंधी कार्य किये जाते हैं.जिला कलक्टर्स से प्राप्त राजस्व ग्रामों के गठन संबधी प्रस्ताव जांच एवं परीक्षण कर नवीन राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु राज्य सरकार को प्रेषित किये जाते हैं. वर्ष 2013-14 में 303 नवीन राजस्व ग्राम घोषित किये गये, वर्तमान में राज्य में 45446 राजस्व ग्राम है.राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2013-14 की बजट घोषणा के अंतर्गत 27 नवीन तहसीलें व 100 नवीन उप तहसीलें सृजित की गई है. वर्तमान में राज्य में 314 तहसीलें व 188 उप तहसीलें हो गई हैभू अभिलेख निरीक्षक वृतों एवं पटवार वृतों संबंधी कार्यः- वर्तमान में राज्य मे 2700 भू अभिलेख निरीक्षक वृत एवं 10840 पटवार वृत्त हैं.कृषिजोत पासबुकों के वितरण पर समीक्षा.सीलिंग कानून के तहत प्रकरणों की समीक्षा.राज्य में खातेदारी अधिकर देने संबंधी कार्यो की समीक्षा.राज्य में कृषि प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन की समीक्षा.नक्शों में तरमीम संबंधी कार्यो की समीक्षा.जमाबंदियों की जांच, प्रमाणीकरण व दाखिला संबंधी कार्यों की समीक्षा.अतिक्रमण के बकाया मामलों की समीक्षा.बकाया नामान्तरकरणों की स्थितिएन.एल.आर.एम.पी.:-डिजीटलसिगनेचरयुक्तजमाबन्दी



