निरीक्षण

 

निरीक्षण

 निरीक्षण शाखा द्वारा सम्‍पादित किये जाने वाले कार्य निम्‍न प्रकार हैं -

  1. मण्‍डल की प्रशासन शाखा के आदेश क्रमांक/राम/प.1/235/वि/स्‍था/92/12456 दिनांक 23.08.08 के अनुसार माननीय अध्‍यक्ष महोदय जब भी चाहेंगे किसी भी राजस्‍व न्‍यायालय  का चाहे वह किसी भी स्‍तर का हो, का निरीक्षण उनकी सुविधानुसार कर सकेंगे । आदेश क्रमांक/राम/प.1/235/वि/ स्‍था/92/12211 दिनांक 31.07.2018 द्वारा माननीय सदस्‍यों को आवंटित जिलों के  राजस्‍व अपील प्राधिकारी/भू प्रबन्‍धक अधिकारी पदेन राजस्‍व अपील प्राधिकारी न्‍यायालयों का निरीक्षण वर्ष में एक बार आवश्‍यक रूप से किया जाना हैृ

आंवटित जिलो के उपखण्ड अधिकारी न्यायालयों का निरीक्षण 02 वर्ष में एक बार साथ ही 01 वर्ष में न्यूनतम 08 अधिकारी न्यायालयों का निरीक्षण आवष्यक रूप से किया जाना है।

आंवटित जिलो के अतिरिक्त जिला कलक्टर न्यायालयों का निरीक्षण वर्ष में एक बार आवष्यक रूप से किया जाना है।

आंवटित जिलो के सहायक कलक्टर न्यायालयों का निरीक्षण 02 वर्ष मे एक बार साथ ही 01 वर्ष में न्यून्तम 04 सहायक न्यायालयों का निरीक्षण आवष्यक रूप से किया जाना है।

आवश्‍यकतानुसार समय-समय पर माननीय अध्‍यक्ष महोदय किसी भी माननीय सदस्‍य को उन्‍हें आवंटित कार्यालयों/न्‍यायालयों के अतिरिक्‍त अन्‍य कार्यालय/न्‍यायालयों के निरीक्षण हेतु निर्देशित किया जा सकता है।

1. राज्य के राजस्व न्यायालयों/कार्यालयों के अद्र्ववार्षिक प्रतिवेदन संभागीय आयुक्तों की समीक्षा उपरान्त प्राप्त होते है।

2. जिला कलक्टर, अतिरिक्त जिला कलक्टरों, उपखण्ड अधिकारी, सहायक कलेक्टरो, राजस्व अपील प्राधिकारियों तथा भू प्रबन्ध  अधिकारी एवं पदेन राजस्व अपील प्राधिकारियों द्वारा प्रेषित राजस्व प्रकरणों के मानचित्रों पर त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा की जाकर इन्हें आवष्यक दिषा-निर्देष जारी किये जाते है।

3. जिला कलक्टर के द्विमासिक अद्र्ववार्षिक पत्र प्राप्त होते है, जिसमें जिले के प्राय सभी कार्यो की प्रगति रिपोर्ट होती हैं

4. अतिरिक्त जिला कलक्टर, सहायक जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अध्किारी के नवीन पदो ंके सृजन हेतु जिला कलक्टर से प्राप्त प्रस्ताव पर समीक्षा की जाकर राज्य सरकार को मण्डल की अनुषंसा के साथ प्रेषित किये जाते है।

5. विधानसभा प्रष्नों को सभी शाखाओं/जिला कलक्टर को भेजकर उत्तर प्राप्त कर इकजाई कर राज्य सरकार उपलब्ध कराये जाते है।

6. प्राक्कलन समिति का कार्य सम्पादित करना।

7. माननीय अध्यक्ष महोदय/सदस्यगणों द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों के किये निरीक्षणों की पालना कराने की कार्यवाही।

निरीक्षण संबंधी कार्य डिस्ट्रिक्‍ट मेन्‍युअल भाग प्रथम के अपेन्डिक्‍स-14 के चेप्‍टर - 5 के पैरा 232 के अन्‍तर्गत सम्‍पादित किये जाते हैं। इसके अतिरिक्‍त कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (प्रशासनिक सुधार ग्रुप-5) के पत्र क्रमांक संख्‍या - 2(4)प्र.स./5/83 दिनांक 27.07.1987 द्वारा यह प्रावधान किये गये हैं कि अध्‍यक्ष, राजस्‍व मण्‍डल सभी संभागीय आयुक्‍तों, अतिरिक्‍त संभागीय आयुक्‍तों, जिलाधीश, अतिरिक्‍त जिलाधीश, उपखण्‍ड अधिकारियों व तहसीलदारों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की संख्‍या अध्‍यक्ष महोदय द्वारा निर्धारित की जाएगी। 

मण्‍डल के आदेश क्रमांक प.9(20)सम/निरीक्षण/92/484 दिनांक 03.11.1992 से अध्‍यक्ष महोदय ने राजस्‍थान भू राजस्‍व अधिनियम-1956 की धारा-9 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते माननीय सदस्‍यगण को सामान्‍य निरीक्षण के मुद्दों के अतिरिक्‍त 10 बिन्‍दुओं का निर्धारण कर जिला कलक्‍टर एवं समस्‍त अधीनस्‍थ राजस्‍व न्‍यायालयों एवं राजस्‍व अधिकारियों के कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकृत किया है।

 

Responsible Officer : Dy.Registrar (Inspection)

Last Modified Date : 30.11.2018