राजस्थान राज्य मे राजस्व मामलो के शीर्ष न्यायालय के रुप मे राजस्व मण्डल की स्थापना दिनांक 01-11-1949 को हुई। न्यायिक अधिकारो के साथ- साथ भू-राजस्व, भू-अभिलेख सम्बन्धी विभिन्न प्रशासकीय अधिकार भी राजस्व मण्डल को दिये गए थे। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम एवं उनके अन्तर्गत बनाये गए की क्रियान्विति संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टरो, उनके अधिनस्थ अतिरिक्त जिला कलेक्टरो, उपखण्ड अधिकारियो, सहायक जिला कलेक्टरो एवं कार्यपालक दण्डनायक तथा तहसीलदारो द्वारा की जाती हैं। इस अधिनियम एवं इसके अन्तर्गत बनाये गए नियमो के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टरो, उनके अधिनस्थ अधिकारियो के कार्यो का नियन्त्तण मण्डल द्वारा किया जाता हैं। इस अधिनियम / नियमो के अन्तर्गत मुख्य रुप से भू-राजस्व वसूली, भूमी आवंटन / भू अभीलेखो का संधारण, भू सूधार कार्यक्रम, सीलिंग का कार्य एवं इससे सम्बन्धित कार्य किये जाते हैं।