निरीक्षण

 निरीक्षण शाखा द्वारा सम्‍पादित किये जाने वाले कार्य निम्‍न प्रकार हैं -

  1. मण्‍डल की प्रशासन शाखा के आदेश क्रमांक/राम/प.1/235/वि/स्‍था/92/12456 दिनांक 23.08.08 के अनुसार माननीय अध्‍यक्ष महोदय जब भी चाहेंगे किसी भी राजस्‍व न्‍यायालय का चाहे वह किसी भी स्‍तर का हो, का निरीक्षण उनकी सुविधानुसार कर सकेंगे । आदेश क्रमांक/राम/प.1/235/वि/ स्‍था/92/5237 दिनांक 11.05.2010 द्वारा माननीय सदस्‍यों को आवंटित जिलों में से मुख्‍यालय के कम से कम 3 राजस्‍व अपील प्राधिकारी/भू प्रबन्‍धक अधिकारी पदेन राजस्‍व अपील प्राधिकारी, कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे ।


आवंटित जिलों में से कम से कम दो अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टर कार्यालय/न्‍यायालय को निरीक्षण करेंगे जो एक ही जिले के नहीं होने चाहिए तथा आवंटित जिलों में कम से कम 5 उपखण्‍ड अधिकारी कार्यालय/न्‍यायालय स्थित हैं का निरीक्षण करेंगें। इनमें से एक जिले के 2 से अधिक उपखण्‍ड अधिकारी कार्यालय/न्‍यायालय का निरीक्षण नहीं होना चाहिये। 
आवश्‍यकतानुसार समय-समय पर माननीय अध्‍यक्ष महोदय किसी भी माननीय सदस्‍य को उन्‍हें आवंटित कार्यालयों/न्‍यायालयों के अतिरिक्‍त अन्‍य कार्यालय/न्‍यायालयों के निरीक्षण हेतु निर्देशित किया जा सकता है।

  1. राज्‍य के समस्‍त राजस्‍व न्‍यायालयों/कार्यालयों के अर्द्ववार्षिक प्रतिवेदन संभागीय आयुक्‍तों की समीक्षा उपरान्‍त प्राप्‍त होते है जिन्‍हें माननीय अध्‍यक्ष महोदय को प्रस्‍तुत किये जाते हैं ।
  1. जिला कलेक्‍टरों, अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टरों उपखण्‍ड अधिकारी, सहायक कलेक्‍टरों, राजस्‍व अपील प्राधिकारियों, भू-प्रबन्‍ध अधिकारी एवं पदेन राजस्‍व अपील प्राधिकारियों द्वारा प्रेषित राजस्‍व प्रकरणों के मानचित्रों पर त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा की जाकर इन्‍हें आवश्‍यक दिशा-निर्देश जारी किये जाते हैं।
  2. जिला कलेक्‍टरों से द्विमासिक अर्द्वशासकीय पत्र प्राप्‍त होते हैं जिसमें जिले के प्रायः सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट होती है। मण्‍डल स्‍तर पर इनकी समीक्षा की जाती है।
  3. अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टर, सहायक जिला कलेक्‍टर एवं उपखण्‍ड अधिकारी के नवीन पदों के सृजन हेतु जिला कलेक्‍टरों से प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर समीक्षा की जाकर राज्‍य सरकार को मण्‍डल की अनुशंषा के साथ प्रेषित किये जाते हैं।
  1. विधान सभा सत्र के दौरान सभी शाखाओं से विधान सभा प्रश्‍नों के उत्‍तर प्राप्‍त कर इकजाई कर सरकार को उपलब्‍ध कराये जाते हैं।
  1. प्राकलन समिति का कार्य सम्‍पादित करना।
  2. निरीक्षण प्रतिवेदनों की पालना कराने की कार्यवाही।

निरीक्षण संबंधी कार्य डिस्ट्रिक्‍ट मेन्‍युअल भाग प्रथम के अपेन्डिक्‍स-14 के चेप्‍टर - 5 के पैरा 232 के अन्‍तर्गत सम्‍पादित किये जाते हैं। इसके अतिरिक्‍त कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (प्रशासनिक सुधार ग्रुप-5) के पत्र क्रमांक संख्‍या - 2(4)प्र.स./5/83 दिनांक 27.07.1987 द्वारा यह प्रावधान किये गये हैं कि अध्‍यक्ष, राजस्‍व मण्‍डल सभी संभागीय आयुक्‍तों, अतिरिक्‍त संभागीय आयुक्‍तों, जिलाधीश, अतिरिक्‍त जिलाधीश, उपखण्‍ड अधिकारियों व तहसीलदारों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की संख्‍या अध्‍यक्ष महोदय द्वारा निर्धारित की जाएगी। 
मण्‍डल के आदेश क्रमांक प.9(20)सम/निरीक्षण/92/484 दिनांक 03.11.1992 से अध्‍यक्ष महोदय ने राजस्‍थान भू राजस्‍व अधिनियम-1956 की धारा-9 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते माननीय सदस्‍यगण को सामान्‍य निरीक्षण के मुद्दों के अतिरिक्‍त 10 बिन्‍दुओं का निर्धारण कर जिला कलक्‍टर एवं समस्‍त अधीनस्‍थ राजस्‍व न्‍यायालयों एवं राजस्‍व अधिकारियों के कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकृत किया है।

 

Responsible Officer : Dy.Registrar (Inspection)

Last Modified Date : 06.06.2014